Monday, 30 December 2013

अंदाज़....


वो इतरा के अपनी शख्सियत जताते हैं  .... 
अंदाज़-ए-हुस्न लाज़मी है  … 
हम बन्दिगी से अपनी आशिक़ी जताते हैं  .... 
अंदाज़-ए- इश्क़ लाज़मी है  … 

Wo Itraa Ke Apni Shakhsiyat Jataatey Hain...
Andaaz-E-Husn Laazmi Hai...
Ham Bandigi Se Apni Aashiqi Jataatey Hain...
Andaaz-E-Ishq Laazmi Hai...

About Me

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India
Complicated माहौल में simple सा बंदा हूँ। दूरियाँ तो जायज़ है फिर भी ऐसे हमेशा करीब हूँ। कुछ लिख कर, कुछ पढ़कर, सबसे कुछ सीख कर, अकेला ही सही, एक मंज़िल के लिए निकला हूँ।