Friday, 3 January 2014

बाल विवाह … अब और नहीं।

Something I wrote on Child marriage..
Long time back there was a show on Television...Satyameva Jayate..which used to throw light on all kind of social issues, which we still practice in our country. That show's each & every episode had moved me & hence I started writing down on social issues.
One more Hindi Poetry from me, focusing on cruel & inhuman Child Marriage custom. I strongly believe its, just a well planned formula of child/women exploitation which our society is still following....
Hope in 2014 we could eliminate...
जन्म लिया या जन्म दिया ..
जन्म लिया फिर जिया ...
या जन्म दिया फिर जिया ...
कुछ ऐसी हो गयी है अपनी आज की दुनिया ..!
जिस देश में भगवान भी बाल रूप में आये ...
उसी देश में बच्चों की खुशिओं का गला घोंट
प्रथा के नाम पे समाज में कुरीतियाँ बनाये ...!
खेलने - खाने के उम्र में
बच्चों का बचपन मिटाए ...
पढने-लिखने के उम्र में
व्यस्क वाले कर्मों में उलझाए ...!
कैसे वो माँ -बाप है जिन्हें उम्र होने पे भी ये समझ में न आये ..
क्यों बच्चों को उनके बचपन से वंचित करवाए ..
बिना अपराध किये उन बच्चों को अपराधी बनाए ..!
ये कैसा समाज है ..
जहां त्योहारों में "कन्या-पूजन " करवाए ...
व्रत में बच्चों को इतना मान दिया जाए ...
लेकिन अगले ही पल
बाल-विवाह के नाम पे उनका मर्दन किया जाये ..!
अरे क्यूँ अपने स्वार्थ में अंधे हुए हो
न गरीबी इससे मिटती है ..
न वंश इससे बढ़ती है ..
न तो दुनिया बदलती है ..
न तो कोई देवी प्रसन्न होती है ...!
अपनी ज़िम्मेदारी से पीछा छुड़ाने के लिए
क्यों सारे जहां में अपने ही समाज को कलंकित करते हो ...!
गर शिक्षित नहीं हो ..
तो क्या अक़्ल भी बेच खाए हो ...
अन्न उपजे खाते हो ..
या अपना ही मल्ल खाते हो ...!
क्यों बिना वजह नारी का अपमान
और पुरषों के चरित्र को बदनाम करते हो ...!
किस वेद-उपनिषद् में न लिखा है ..
ना ही किसी कानून में लिखा है ..
फिर किसकी बिनाह पे उनपे इतना ज़ुल्म ढाते हो ...!
अरे जागो अपने मद में चूर रहने वालों
ज़रा स्त्री-पुरुष के अनुपात पे भी नज़र डालो ...!
गर ये खेल ऐसे ही चलता रहा ..
बच्चों का ऐसा ही शोषण होता रहा ..
तो वो दिन दूर नही ..
जब सारे देश में ..
भारत सभ्यता और संस्कृति के बजाये ..
हिजड़ो का देश कहा जायेगा ...!
बस एक अच्छे सोच से ही समाज सुधर पायेगा ..
और एक स्वस्थ दिमाग ही ..
हर मुश्किल को आसान कर पायेगा।
Lets pray & work towards a better India..i know not easy...charity begins at home at first & blah blah...but am already on the way..i wish to succeed on that...
Keep Smiling & Be Blessed :)
 

About Me

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India
Complicated माहौल में simple सा बंदा हूँ। दूरियाँ तो जायज़ है फिर भी ऐसे हमेशा करीब हूँ। कुछ लिख कर, कुछ पढ़कर, सबसे कुछ सीख कर, अकेला ही सही, एक मंज़िल के लिए निकला हूँ।