Saturday, 10 October 2015

Pre tuned Lyric: हम तुम!

हम तुम..!

Kuch tum socho kuch hum soche,
Fir khushi ka mausam aaye..
Rahna nahi ab kahin bhi tere bin,
Duri aao milke bhulaaye..
In duriyon ko aao sajaa den.
Chhu ke labon ko sabkuch bhulaa den..
Aur iss bahane..
Ek apna jahaan banaayen..!!
Tum se hai.. tum mein hai..
Mai aur meri ye dunia..
Tum saath rahna, harpal mere..
Fir kya hai ye dunia..
Rumaani tum, Rumaani hum..
Aur hosh apne gum ho jaayen..
Mausam ko aao thoda  bahkaayen..
Apne rang mein jahaan ko bhulaayen..
In duriyon ko aao sajaa den.
Chhu ke labon ko sabkuch bhulaa den
Aur iss bahane..
Ek apna jahaan banaayen..!!

कुछ तुम सोचो, कुछ हम सोचें, 
फिर ख़ुशी का मौसम आए..!
रहना नहीं अब कहीं भी तेरे बिन,
दुरी आओ मिल के भुलाएँ..!
इन दूरियों को, आओ सजा दें..
छु के लबों को, सब कुछ भुला दें.. और इस बहाने,
एक अपना जहाँ बनाएँ..!!
तुम से है, तुम में है..
मैं और मेरी ये दुनिया..!
तुम साथ रहना, हर पल मेरे..
फिर क्या है ये दुनिया..!
रूमानी तुम, रूमानी हम..
और होश अपने, गुम हो जाएँ..!
मौसम को आओ थोड़ा बहकाएँ,
अपने रँग में जहाँ को भुलाएँ..
इन दूरियों को, आओ सजा दें..
छु के लबों को, सब कुछ भुला दें...और इस बहाने,
एक अपना जहाँ बनाएँ..!!
©Abhilekh

This song is based on Sonu Nigam's album song with same title.

About Me

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India
Complicated माहौल में simple सा बंदा हूँ। दूरियाँ तो जायज़ है फिर भी ऐसे हमेशा करीब हूँ। कुछ लिख कर, कुछ पढ़कर, सबसे कुछ सीख कर, अकेला ही सही, एक मंज़िल के लिए निकला हूँ।